सच्ची घटना पे आधारित Romantic Kahani | Heart Touching Love story In Hindi

आज हम अपने इस दिलचस्प लेख "Love Story in Hindi". में हिंदी प्रेम कहानियों का संग्रह लेके आये हैं। ये कहानियाँ आपको प्रेम, वफ़ा, दर्द और उत्साह के एक नए सफर में ले जाते हैं। चलिए, इस Romantic story in Hindi में हम दिल छू लेने वाली प्रेम कहानियों के संगीप्त रहस्यमय जहाज़ में सफलता की ओर सफर करेंगे, जो आपके दिल की तारों को कहीं छू जाएगी।

Romantic kahani in hindi
Romantic Kahani in Hindi

ये प्रेम कहानियाँ दिलों को जकड़कर रखती हैं, और जब आप इन प्रेम कहानियों के संग में खो जाते हैं, तो आपका मन एक अजीब सी ख़ुशी से भर उठता है। इस प्रेम भरी यात्रा में हम साथ होंगे, और जब प्यार के सुरों में खो जाएंगे, तो भावनाओं के संगीत से जुड़ जाएंगे।

ये "Love story in Hindi" आपको जीवन के सभी पहलुओं पर गहरा विचार करने पर मजबूर करेगी और आपको प्रेम के मायने को समझने का मौका देगी।

1. अधूरी मोहब्बत की कहानी (Sad Love Story In Hindi)


मेरा नाम शिवानी है और मैं अपनी एक अधूरी प्रेम कहानी आप सब को बताना चाहती हूं। यह बात तब की है जब मैं दसवीं कक्षा में पढ़ा करती थी उस वक्त मैं थोड़ी नासमझ थी, समझ नहीं पाती थी कि क्या गलत और क्या सही है। मेरा एक दोस्त था उसका नाम सिद्धार्थ था। वह बहुत ही हैंडसम था और बॉडी तो ऐसी कि कोई भी फिदा हो जाए।

हमारे क्लास की सारी लड़कियां उसकी दीवानी थी और उससे बात करने के लिए मौका खोजती रहती थी। हम दोनों एक ही क्लास में थे पर हमारी कभी ज्यादा बात नहीं हुई थी। मेरा फेसबुक पर एक फेक अकाउंट था, क्योंकि मुझे अपने असली नाम से बात करने में अच्छा नहीं लगता था। मेरा फेसबुक पर जो फेक अकाउंट था उसका नाम मैंने जिया रखा था।

स्कूल के ज्यादातर लड़के जिया के पीछे पड़ गए और जानने में लग गए कि यह कौन है? इस सबके बीच मुझे सिद्धार्थ की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, उसने मुझे मैसेज किया और मैं उससे बातें करने लगी। कुछ दिन में हम दोनों में बहुत गहरी दोस्ती हो गई, पर उसे यह बात अभी तक नहीं पता थी कि शिवानी ही जिया है।

मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं सिद्धार्थ की इतनी अच्छी दोस्त बन जाऊंगी और हम दोनों इतने करीब आ जाएंगे। मैंने कई बार सिद्धार्थ को अपने नाम के बारे में बताना चाहा कि मैं और कोई नहीं तुम्हारे साथ पढ़ने वाली शिवानी हूं, लेकिन ऐसा मौका मुझे मिला ही नहीं।

कुछ दिनों बाद सिद्धार्थ ने मुझे प्रपोज कर दिया और मैं उसको मना नहीं कर पाई क्योंकि मैं भी उसको दिल ही दिल में चाहने लगी थी। हमारी मोहब्बत हर दिन और बढ़ती जाती लेकिन मुझे कहीं ना कहीं इस बात का डर सताता था कि अगर वह यह जाने का कि मैं शिवानी हूं, तो क्या उसका प्यार पहले जैसा होगा? वह तो जिया से प्यार करता है ना कि शिवानी से, यह बात सोच सोच कर मेरा मन घबराने लगा। यह सोचकर मैं उससे दूरियां बनाने लग गई, और बातें कम करने लगी।

सिद्धार्थ भी कभी कभार मुझे लेकर शक करने लगा, और एक दिन ऐसा आया कि उसे मेरी सच्चाई का पता चल गया। उसने मुझ पर बहुत गुस्सा किया, मैं बहुत डर गई थी। मुझे लगा सिद्धार्थ मुझसे कभी बात नहीं करेगा और मैंने उसे खो दिया है। मैं उसको अपनी बातें समझा नहीं पाई या यूं कहूं कि मैं उस वक्त कुछ बोल ही नहीं पाई।

सिद्धार्थ ने मुझसे ब्रेकअप कर लिया और दूसरी लड़की के साथ रिलेशन में आ गया। मैं यह सब देख नहीं पाई और मैंने स्कूल बदल दिया। मैंने सोचा शायद यही सही है क्योंकि मैंने उससे झूठ बोला था और यह बात सोच कर, मैंने सिद्धार्थ को भूल कर अपने जीवन में आगे बढ़ गई।

कुछ सालों बाद मुझे एक दिन सिद्धार्थ का मैसेज आया “ हाय, कैसी हो तुम?“ यह मैसेज देखकर मैं चौक गई और सोचने लगी कि मैं इसका रिप्लाई करूं या ना करूं? खैर मैंने रिप्लाई किया और हम दोनों में फिर से बातें होनी शुरू हो गई। हमने एक दूसरे से माफी मांगी और अपनी -अपनी गलतफहमी को दूर किया। हम दोनों में फिर से पहले जैसा प्यार और विश्वास दिखने लगा।

कुछ दिनों बाद सिद्धार्थ ने मुझे शादी के लिए प्रपोज किया, और मैंने शादी के लिए खुशी-खुशी हां बोल दिया।पर कहते हैं ना अगर मोहब्बत सच्ची हो तो उसे मंजिल मिलने में बहुत मुश्किलें झेलनी पड़ती है पर मेरे साथ तो कुछ अलग ही था, ऐसा लग रहा था कि हमारी मोहब्बत की मंजिल है ही नहीं। सिद्धार्थ की एक कार एक्सीडेंट में दर्दनाक मौत हो गई, और हमारी मोहब्बत अधूरी रह गई।

मैं अंदर से टूट गई, मेरी जिंदगी ही उजड़ गई थी। आज भी मैं अकेली हूं और अब ना मुझे किसी से मोहब्बत है और ना कभी होगी। वह मेरी यादों में जिंदा है और हमेशा रहेगा, मेरी पहली और आखरी मोहब्बत बनकर।

2. दिल की सच्ची राह: रोहन और निशा की ज़िंदगी की दर्दनाक प्रेम कहानी 

रोहन और निशा 4 साल से एक दूसरे को जानते और प्यार करते थे। रोहन कानपुर में जॉब करता और अपने फैमिली के साथ रहता था और निशा अपने जॉब के कारण लखनऊ में अकेले रहती थी। कल रोहन का जन्मदिन था।
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निशा ने शाम को रोहन को कॉल किया। “रोहन तुम्हें क्या गिफ्ट चाहिए?” निशा ने रोहन से पूछा।

 “निशा मैंने तुमसे कई बार कहा है कि मुझे कुछ नहीं, बस तुम चाहिए।” रोहन ने कहा। 

इसी बीच निशा के फोन पर उसके बॉस का कॉल आने लगा। “रोहन बॉस का कॉल आ रहा है, बाय आई कॉल यू लेटर,” ऐसा बोलकर निशा जाने लगी। 

निशा यार!” रोहन बात कहता इतने में निशा ने कॉल काट दिया।

रोहन सोचने लगा निशा के पास मेरे लिए समय नहीं है। तभी निशा का मैसेज आता है “सॉरी रोहन अभी अर्जेंट मीटिंग है, ऑफिस जा रही हूं। खाना खा लेना गुड नाइट” रोहन का मूड खराब हो गया। 

लेकिन उसे पता था निशा जरूर समय निकालकर उसे 12:00 बजे सबसे पहले बर्थडे विश करेगी। रात के 12:00 बजते हैं और निशा का कॉल नहीं आता है, रोहन इंतजार करता है और अंत में खुद ही निशा को कॉल करता है लेकिन निशा उसका फोन नहीं उठाती है।रात भर निशा का फोन ट्राई करते-करते कब रोहन की आंख लग जाती है उसे पता ही नहीं चलता।

सुबह के 4:00 बजे अचानक रोहन का फोन बजता है, वह हड़बड़ी में उठता है और आधी नींद में कॉल रिसीव करता है।
उधर से आवाज आती है “जी, क्या आप निशा के परिजन है?, मैं लखनऊ पुलिस से हूं। यहां पर लखनऊ हाईवे पर एक एक्सीडेंट हो गया है, और लड़की की हालत गंभीर बनी है उसे मेदांता हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। आप जल्दी आ जाए। 

इतना सुनते ही रोहन के हाथ से फोन छूटकर नीचे गिर गया। वह जल्दी से फोन उठा कर पूछता है “सर निशा कैसी है? उसे कुछ हुआ तो नहीं है? वह ठीक तो है? उसे कोई गंभीर चोट तो नहीं लगी? इसी बीच पुलिस वाला बोलता है, आप जल्दी आ जाए, लड़की अभी आईसीयू में है। 

रोहन आनन-फानन लखनऊ के लिए निकलता है। सुबह के 7:00 बजे हॉस्पिटल पहुंचता है, लेकिन डॉक्टर उसे मिलने नहीं देते हैं। रोहन डॉक्टर से निशा की हालत पूछता है तो डॉक्टर बताते हैं “ अभी इलाज चल रहा है उम्मीद है वह ठीक हो जाएगी। रोहन की आंखें नम हो जाती है और वह आईसीयू की तरफ झांकता रहता है। आईसीयू रूम में आने वाले डॉक्टरों से वह हर वक्त निशा के बारे में पूछता रहता है। 

इसी बीच रोहन को नर्स आवाज देती है “आप निशा के परिजन है? रोहन बोलता है “हां”। नर्स बोलती है “आप अब पेशेंट से मिल सकते हैं,” इतना बोल कर नर्स बाहर निकल जाती है। रोहन आईसीयू के अंदर जाते ही निशा की हालत देखकर फूट-फूट कर रोने लगता है।

निशा को कई जगह गंभीर चोटें लगी थी, लेकिन निशा अब होश में थी। रोहन पूछता है “निशा यह कैसे हो गया? अभी तुम कैसी हो? कहीं और चोट तो नहीं लगी? तुम ठीक तो हो ना?” इतना पूछ कर रोहन निशा के हाथ को पकड़ कर रोने लग गया। निशा रोहन को चुप कराते हुए प्यार से कहती है “हैप्पी बर्थडे रोहन, मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं।” और उसकी तरफ मुस्कुराते हुए देखती है।

रोहन रोते हुए कहता है “पर मुझे मेरे बर्थडे पर यह गिफ्ट नहीं चाहिए था निशा, मुझे माफ कर दो, मैं उस वक्त तुम्हारे साथ नहीं था।” इतना कहकर रोहन निशा को गले लगा लेता है। कुछ दिनों बाद निशा बिल्कुल ठीक हो जाती है और रोहन उसको अपने साथ घर ले आता है। उस दिन रोहन ने अपना बर्थडे निशा के साथ मनाया और उससे वादा किया कि वह उसका साथ कभी नहीं छोड़ेगा।

3.कॉलेज की प्रेम कहानी: राहुल और शिखा की दिलकश Romantic Love Story In Hindi

मेरा नाम राहुल है। मेरी लव स्टोरी कॉलेज से स्टार्ट हुई थी। शिखा मेरी क्लास में पढ़ती थी, वह बहुत ही इंटेलिजेंट लड़की थी। जितनी ज्यादा इंटेलिजेंट थी उतनी ही मीठी उसकी बोली और साथ ही क्लास की सबसे खूबसूरत लड़की थी। ना जाने कब मुझे शिखा से प्यार होने लगा था। वह मुझे अपना दोस्त समझती थी लेकिन मैं उससे प्यार करने लगा था।
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वैलेंटाइन-डे के दिन हिम्मत करके मैं एक गुलाब लेकर उसके पास गया, लेकिन कॉलेज में देने की हिम्मत नहीं हुई। शाम को जैसे ही वह कॉलेज से निकली मैंने उसे फोन करके बस स्टॉप पर मिलने को कहा। कांपते हुए हाथों से मैंने उसकी तरफ गुलाब बढ़ाया, लेकिन उसने गुलाब लेने से इनकार कर दिया। शिखा ने बताया कि वह ऐसा कुछ नहीं सोचती और उसको अच्छा दोस्त मानती है। शिखा के इनकार करने से मुझे बहुत दुख हुआ लेकिन मैं खुश था कि वह मुझे अपना एक अच्छा दोस्त मानती है।

मेरा पढ़ाई में मन नहीं लगता था और उसका असर मेरे एग्जाम के मार्क्स में दिखने लगा। शिखा मेरी स्थिति को समझ रही थी इसलिए उसने फाइनल के एग्जाम में मेरी पढ़ाई में बहुत मदद की थी। साथ में पढ़ते पढ़ते शिखा को भी मेरे लिए फीलिंग आनी स्टार्ट हो गई। शिखा ने अपने प्यार का इजहार मेरे सामने किया और मैं खुशी से पागल हो गया था।

कॉलेज के बाद उसका प्लेसमेंट आसानी से हो गया क्योंकि वह पढ़ने में अच्छी थी, लेकिन मुझे कहीं भी जवाब नहीं मिल रहा था। उसने मुझे उन टेंशन के पलों में कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया और हमेशा मेरा साथ दिया था। उसके प्रोत्साहन से मैंने अपने कैरियर पर और फोकस किया जिसकी वजह से मुझे एक बहुत अच्छी जॉब मिल गई।

कुछ सालों बाद शिखा के घर पर उसकी शादी की बातें चलने लग गई। शिखा ने मुझसे पूछा कि क्या वह मुझसे शादी करने के लिए तैयार है? मैंने खुशी से शिखा से शादी करने के लिए हां बोल दिया था। हमारे रिश्ते को लेकर शिखा के घरवालों को थोड़ी दिक्कतें आई, लेकिन शिखा ने सबको प्यार से समझा कर हम दोनों की शादी के लिए अपने घरवालों को मना लिया।

आज हमारी शादी को 4 साल हो गए और हम दोनों आज भी उतने ही खुश है जितने 4 साल पहले थे। शिखा से प्यार करना मेरे जीवन का सबसे खूबसूरत लम्हा है।

निष्कर्ष

हमे आशा है की आपको हमारा ये आर्टिकल "Love story in Hindi" पसंद आया होगा। प्यार चाहे पहला हो या आखिरी हर एक इंसान के जीवन में बहुत मायने रखता है, हम उम्मीद करते हैं की हमारी इस हिंदी लव स्टोरीज संग्रह को पढ़ के आपको अपने प्यार की या अपने रोमंटिक लव स्टोरी की याद आ गयी होगी। अच्छा लगा हो तो कमेंट कर के जरूर बताएं।
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