दुर्लभ कश्यप कौन था और उसकी कहानी, मौत का कारण | Durlabh Kashyap Biography In Hindi

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दुर्लभ कश्यप भारत का एक बहुत खतरनाक अपराधी था। वह केवल 16 साल की उम्र में अपराधी बन गया। इस लेख में हम दुर्लभ कश्यप के जीवन के बारे में जानेंगे किस प्रकार वह अपराधी बना, वह क्या-क्या करता था, उसकी गिरफ्तारी कैसे हुई, तथा उसकी हत्या कैसे की गई। दुर्लभ कश्यप अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। धीरे-धीरे दुर्लभ कश्यप अपराध की दुनिया में जाने लगा। 15 साल की उम्र में उसने फेसबुक पर अकाउंट बनाया जहां वह हथियारों के साथ Photo और videos डालता था।

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वो बहुत जल्दी अपनी उम्र के बच्चों में फेमस हो गया और लोग उससे आकर जुड़ने लगे। धीरे-धीरे करके उसने अपनी गैंग बना ली जिससे वह सोशल मीडिया के जरिए ही चलाता था। दुर्लभ कश्यप के साथ 100 से भी ज्यादा लड़के जुड़े हुए थे। दुर्लभ कश्यप पर उसके गैंग के साथ बहुत सारे अपराधिक मामले जुड़े हुए हैं। वह टीनेजर्स का रोल मॉडल बन गया था और उसकी गैंग के लोग उसे कोहिनूर नाम से बुलाते थे।

Durlabh Kashyap Biography In Hindi

दुर्लभ कश्यप का जन्म उज्जैन के अब्दुल्लापुर में 8 नवंबर 2000 को एक हिंदू परिवार में हुआ। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता का नाम मनोज कश्यप और माता का नाम पद्मा था। उसके माता-पिता दोनों स्कूल शिक्षक थे। दुर्लभ कश्यप ब्राह्मण जाति से था। उसका कद 5 फुट 10 इंच था। उसके माता-पिता किसी कारण से अलग रहते थे।

वह भी कुछ समय अपने माता और कुछ समय अपने पिता के पास रहता था। उसके माता-पिता ने बड़ा सोच समझकर उसका नाम रखा था। उन्हें आशा है कि यह बड़ा होकर कुछ अच्छा काम करेगा जिससे कि उनका नाम रोशन होगा। लेकिन इसके विपरीत दुर्लभ कम उम्र में ही एक गैंगस्टर बन गया वह फेसबुक जैसी सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए अपने दहशत फैलाता था।

गैंगस्टर दुर्लभ कश्यप काले रंग के कपड़े पहनता था, गले में काले रंग का गमछा पहनता था, और वह अक्सर माथे पर लाल टीका लगाए रहता था। जल्दी ही दुर्लभ कश्यप सोशल मीडिया पर फेमस होने लगा और टीनएजर्स में उससे जुड़ना शुरु कर दिया।
दुर्लभ कश्यप ने अपने खुद की गैंग बना ली उसकी गैंग के लोग उसे कोहिनूर नाम से बुलाते थे। 18 साल की उम्र में उसे जेल हो गई। जब वह बाहर आया तो 20 साल की उम्र में दुर्लभ की हत्या कर दी गई। यदि दुर्लभ में अपराध नहीं किए होते तो आज वह एक खुशहाल जिंदगी जीता।

दुर्लभ कश्यप गैंगस्टर क्यों बना ?

एक इंटरव्यू के दौरान जब दुर्लभ कश्यप के पिता से बात की गई और उनसे पूछा गया कि दुर्लभ कश्यप गैंगस्टर क्यों बना, उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि उसका पालन पोषण बहुत अच्छी तरीके से किया गया था। वह पढ़ाई में भी बहुत अच्छा था और बड़ा होकर वह एक अच्छा करियर बनाना चाहता था। लेकिन 15 साल की उम्र में असामाजिक लोगों से उसका मेलजोल बढ़ेने लगा।
जिन के संपर्क में आकर वह बहुत जल्द मशहूर होने की सोचने लगा। इस चीज में उसकी रुचि बढ़ती गई। जल्दी फेमस होने की लालसा में उसने अपराधिक काम करना शुरू कर दीया। उसमें सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो और वीडियो डालने शुरू कर दिए और उसने अपराध का रास्ता चुन लिया। जल्दी वह उज्जैन का हिस्ट्रीशीटर बन गया।

दुर्लभ कश्यप गैंगस्टर क्यों बना ?

सन 2018 में दुर्लभ कश्यप ने फेसबुक पर अकाउंट बनाया जिसके जरिए अपनी दहशत फैलाता था। इसके कुछ समय बाद ही दुर्लभ कश्यप को उसकी गैंग के 23 सदस्यों के साथ पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया इनमें से कुछ नाबालिक लड़के भी थे। बहुत कम उम्र में दुर्लभ कश्यप ने उज्जैन में कई सारे अपराध किए जिसके कारण वह उज्जैन का एक जाना माना गैंगस्टर बन गया।
वह सोशल मीडिया के जरिए अपनी गैंग चलाता था। उसके साथ उसी की उम्र के बच्चे जुड़े हुए थे जो उसी की तरह फेमस होना चाहते थे और उसके जैसे बनना चाहते थे।
उसने अपने फेसबुक अकाउंट के बायो में लिखा था ‘विवाद निपटारे के लिए संपर्क करें।’ वह अपने अकाउंट पर हथियारों के साथ वीडियो डालता था जिससे कि वह बहुत जल्दी फेमस हो गया।

दुर्लभ कश्यप कैसे अपराध करता था ?

दुर्लभ कश्यप का अपने अपराधिक काम को अंजाम देने का सबसे मुख्य जरिया सोशल मीडिया था। वह अपने गैंग को भी फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए चलाता था। 
100 से भी अधिक लड़के दुर्लभ की गैंग से जुड़े हुए थे। जिन्होंने धीरे-धीरे करके आतंक फैला दिया। दुर्लभ है और उसके गैंग के लोग लोगों से हफ्ता वसूली करते थे, लूटपाट करते थे, और लोगों को मारने पीटने की सुपारी भी लेते थे।

यह सब केवल वह फेमस होने के लिए और लोगों में अपनी दहशत फैलाने के लिए करता था। दुर्लभ कश्यप के नाम से उज्जैन के छोटे से छोटे और बड़े से बड़े व्यापारी कहते थे इसलिए बहुत कम उम्र में ही अपना खौफ लोगों में बिठा दिया था।

दुर्लभ कश्यप युवाओं में इतना लोकप्रिय क्यों था?

वह छोटी सी उम्र में सोशल मीडिया पर फेमस हो गया था ।भले ही वह गैंगस्टर था,लेकिन वह कुछ अच्छे काम ही करता था । जहां दूसरे गैंगस्टर गरीब लोगों को परेशान करते थे दुर्लभ कश्यप कभी भी गरीबों को तंग नहीं करता था । कुछ गैंगस्टर लड़कियों को परेशान करते थे तथा उनकी इज्जत नहीं करते थे।

लेकिन दुर्लभ कश्यप लड़कियों की सहायता करता था और उनके बहुत इज्जत भी करता था। उसने कभी भी किसी लड़की या किसी गरीब आदमी को परेशान नहीं किया। उसके इन्हीं कामों की वजह से वह युवाओं में बहुत ज्यादा लोकप्रिय था। लेकिन बेशक उसने कुछ अच्छे काम किए हो लेकिन उसने अपराध का रास्ता चुन लिया था जिसके कारण परिणाम बहुत बुरे हुए।

दुर्लभ कश्यप कैसे पकड़ा गया था ?


17 साल की उम्र में दुर्लभ कश्यप अपराधी बन गया और सोशल मीडिया के जरिए अपने गैंग चलाने लगा। कम उम्र के युवाओं में दुर्लभ कश्यप की लोकप्रियता बहुत तेजी से बढ़ने लगी। 100 से अधिक लोग उसकी गैंग से जुड़ गए और धीरे-धीरे उन्होंने उज्जैन में अपना आतंक फैला दिया। उज्जैन के सभी व्यापारी और दुकानदार दुर्लभ कश्यप से डरते थे।
इतने अपराध करने वाले गैंगस्टर को पकड़ना पुलिस के लिए एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण काम था।

दुर्लभ कश्यप की गिरफ्तारी के समय उज्जैन के आईपीएस सचिन अतुलकर हुआ करते थे उन्होंने शहर के अपराध को रोकने के लिए एक ही हिस्ट्रीशीटर लिस्ट जारी करवाई जिसमें दुर्लभ और उसके गैंग के लोगों के नाम थे।

सन 2018 में सचिन अतुलकर ने एक ऑपरेशन के जरिए दुर्लभ कश्यप को उसके गैंग के 23 लोगो के साथ पकड़ा। उन सभी को गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया गया लेकिन उनमें से कई लड़के नाबालिग जिस कारण उन्हें बाल सुधार केंद्र में भेज दिया गया।

जब आईपीएस सचिन अतुलकर दुर्लभ कश्यप से मिले तो उन्होंने उसे चेतावनी देते हुए कहा “तू जेल में रहेगा तो जिंदा रहेगा तू अपनी उम्र से अधिक दुश्मन बना लिया है।”
एक साल तक दुर्लभ कश्यप जेल में रहा 2020 में जब उसकी रिहाई हुई उसके कुछ समय बाद ही उसकी हत्या कर दी गई।

दुर्लभ कश्यप की हत्या कैसे हुई थी ?

20 साल की उम्र में दुर्लभ कश्यप की हत्या कर दी गई। अपराधी होने के कारण उसके बहुत सारे दुश्मन थे। उसके कुछ दुश्मनों में से एक शाहनवाज खान भी था जिसके साथ गैंगवार मैं दुर्लभ कश्यप की हत्या हुई।
एक दिन 11:00 बजे के करीब दुर्लभ और उसके गैंग के कुछ लोग रफीगंज में एक चाय वाले को चाकू दिखाकर धमका कर चले गए। उसी रात 1:00 बजे दुर्लभ कश्यप अपने पांच साथियों के साथ उस चाय की दुकान पर आया था। वहां पर उसने शाहनवाज खान को देखा।

शहनवाज खान उज्जैन का एक लोकल गुंडा था दोनों के बीच में थोड़ी बहुत कहासुनी हो गई इस लड़ाई के बीच में दुर्लभ कश्यप ने शहनवाज खान को गोली मार दी जो उसके गर्दन से छूते हुए निकल गई। जिसके कारण वह घायल हो गया और जमीन पर गिर पड़ा।

शाहनवाज के गैंग के लोगों ने दुर्लभ कश्यप और उसके साथियों को घेर लिया। जब उसके साथियों ने देखा कि वे लड़ाई हार रहे हैं तो वह दुर्लभ को अकेला छोड़ कर वहां से भाग गए। यह लड़ाई दुर्लभ के जीवन की अंतिम लड़ाई थी। शहनवाज खान के लोगों ने दुर्लभ कश्यप पर 34 बार चाकू से हमला किया जिसके कारण उसकी मौत हो गई। 7 सितंबर 2020 को महज 20 साल के दुर्लभ कश्यप ने अपनी जान गवा दी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्लभ कश्यप कौन हैं ?

दुर्लभ कश्यप भारत के मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर का एक प्रसिद्ध हिस्ट्रीशीटर है। उन्हें मध्य प्रदेश के उज्जैन के गैंगस्टार के रूप में भी जाना जाता है। कश्यप डकैती, हत्या और अपहरण जैसे अपराध किया करता था।

दुर्लभ कश्यप का जन्म कब हुआ है?

8 नवंबर 2000 में दुर्लभ कश्यप दुर्लभ कश्यप का जन्म एक हिन्दू परिवार में हुआ।

दुर्लभ कश्यप के पिता का क्या नाम है?

दुर्लभ कश्यप के पिता जी का नाम मनोज कश्यप है। वे एक सरकारी स्कूल शिक्षक थे।

दुर्लभ कश्यप की मां का क्या नाम है?

दुर्लभ कश्यप की मां का नाम पद्मा थाऔर वे शिवसागर स्कूल में अध्यापिका थी। दुर्लभ कश्यप के मरने के 7 महीने बाद ही उसकी माता भी चल बसी।

दुर्लभ कश्यप किस जाति से थे ?

दुर्लभ कश्यप ब्राह्मण जाति से थे।

दुर्लभ कश्यप की मृत्यु कब हुई?

दुर्लभ कश्यप को 7 सितंबर 2020 को मार दिया गया।

मृत्यु के समय दुर्लभ कश्यप की उम्र क्या थी?

मृत्यु के समय तक लोग कश्यप की उम्र 20 साल थी।

दर्लुभ कश्यप को कैसे मारा गया?

दुर्लभ कश्यप, शहनवाज खान, जोकि उज्जैन का एक लोकल गुंडा था उसके साथ गैंगवार में मारा गया। शाहनवाज के साथियों ने 34 बार चाकू मारकर दुर्लभ को मार डाला।

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