बेस्ट 10 दिलचस्प कहानियां बच्चों के लिए | Moral Stories in Hindi for Class 7th

Moral Stories in Hindi for Class 7th आर्टिकल में हम आपलोगो को हिंदी कहानी बताने वाले हैं जिसे आप बच्चों को सुना कर उनको अच्छी शिक्षाएं दे सके। पुराने समय से ही कहानी शिक्षा और नैतिक मूल्यों को दिखने का जरिया रहा है। कहानियों के पात्र को बच्चे अक्सर रोल मॉडल की तरह देखते है।

Moral Stories in Hindi for Class 7th

कहानियां समझने में आसान होती है और यह आसानी से बहुत ही बड़ी बड़ी बातें नैतिक शिक्षा को सरल शब्दों में बच्चों तथा बड़ों में पहुंचाने में सफल होती है ।
इस लेख में, हम आपके साथ एक चुनिंदा बाल कहानियाँ का संग्रह प्रस्तुत कर रहे हैं जो छोटे पाठकों की कल्पना को मोह लेंगे और उनके संपूर्ण विकास में सहायक साबित होंगी।

कहानी 1: जादुई प्राणी की कहानी

एक जंगल में एक बहुत ही खूबसूरत जादुई प्राणी रहता था। इस प्राणी के पंख रंग-बिरंगे थे और उसकी आँखों में जादू भरा था। लोग उसे देखकर चमत्कारी हो जाते थे। एक बार एक बच्चा जंगल में खेल रहा था, और वह जादुई प्राणी उसे देख लिया।

बच्चा बहुत खुश हुआ और प्राणी के पास गया। उसने प्राणी से कहा, "क्या आप मुझे अपना जादू दिखा सकते हैं?" प्राणी ने मुस्कराते हुए कहा, "जरूर, लेकिन ध्यान रखिए, यह जादू बहुत खास है।"

प्राणी ने अपने पंख खोले और अचानक बड़ी सीढ़ी उभार आई। बच्चा चकरा गया और उसे यह बहुत मजेदार लगा। प्राणी ने बच्चे से कहा, "आख़िरकार, जादू एक ख़ास चीज़ नहीं, बल्कि हर एक चीज़ में है। आपको बस अपने दिल से देखना होगा और चमत्कार देखेंगे।"

बच्चा समझ गया कि वास्तव में जादू है तो वह उसमें ही है। उसका यह जादू उसे अपने दिल में खुशियां भरने और अच्छाई फैलाने में मदद करता था। 

इस कहानी का संदेश था कि हमारे पास हमेशा जादुई ताकत है, और वह है हमारे दिल में भरी खुशियां और सद्भावना।

कहानी 2: बुढ़िया से सीख

एक गाँव में एक बुढ़िया रहती थी जो बहुत ज्ञानी और समझदार थी। गाँव के लोग उसके सामाजिक स्थान का मजाक उड़ाते थे और अक्सर उसे बुरा-भला कहकर उसके साथ छेड़छाड़ करते थे। वह सभी की बातों को ध्यान से सुनती और धैर्य से सभी का सम्बोधन करती।

एक दिन, गाँव के कुछ लोगों ने एक खेल का आयोजन किया। उसमें सभी लोगों को एक-दूसरे की बुराई करने को कहा गया। बुढ़िया ने भी खेल में भाग लिया। उसे भी कहा गया कि अपने सभी गुणों को भूलकर दूसरों की बुराई करें।

परन्तु बुढ़िया ने खेल को अपने तरीके से खेला। वह सभी को ध्यान से सुनकर उन्हें वहां की अच्छी बातें बताने लगी जिनसे उनका मन खुश हो जाता था। उसके समझदार और विचारशील उत्तरों से सभी को आनंद आने लगा। खेल का मकसद भूल गए और सभी एक-दूसरे की बुराई करने की बजाय एक-दूसरे की सराहना करने लगे।

बुढ़िया ने इस खेल से एक महत्वपूर्ण सबक दिया कि हमें दूसरों की बुराई करने के बजाय उनके अच्छे गुणों को सराहना करनी चाहिए। हमारे शब्द और व्यवहार से हम दूसरों को प्रभावित कर सकते हैं और उन्हें आनंद दे सकते हैं।

कहानी 3: शेर और बकरी की मित्रता

गहरे जंगल में एक बहुत खूबसूरत बकरी रहती थी। उसके जंगल के राजा शेर भी उस जंगल में शासन करते थे। शेर बड़ा दुश्मनीजनक और भयानक होता था, और उसे जंगल के सभी जानवर डरते थे।

एक दिन, बकरी अपने चारों पैरों से फंस गई और उसे बड़ी मुश्किल से बाहर निकलने की कोशिश कर रही थी। इस दौरान, शेर उसे देख लिया। शेर को बकरी की समस्या का पता चल गया और उसके मन में दया उत्पन्न हुई।

शेर बकरी के पास गया और कहा, "हे बकरी, मुझसे मत डरो। मैं तुम्हारी मदद करूँगा।" फिर, शेर ने बकरी के चारों पैरों को जोर से खींचा और उसे बाहर निकाल दिया। बकरी को खुशी का एहसास हुआ कि शेर ने उसकी मदद की और उसके साथ कोई बुरा नहीं करेगा।

दोनों के बीच एक अजीब सा दोस्ती का रिश्ता बन गया। शेर बकरी को अपना सच्चा मित्र मानने लगा और उसकी सुरक्षा का ध्यान रखने लगा। बकरी भी शेर को अपना सच्चा दोस्त मानने लगी और उससे कभी भी नहीं डरती थी।

इस कहानी से हमें यह सबक मिलता है कि सच्ची मित्रता कभी भी देख-रेख और समर्थन का अहसास करा सकती है। हमें अपने आस-पास के लोगों के साथ दया, मदद, और समर्थन का रिश्ता बनाना चाहिए, जिससे हम सभी के बीच प्रेम और समझौता होता है।

कहानी 4: राजा और ऋषि

एक बार एक ऋषि थे, वे एक जगह से दूसरी जगह घूमते रहते थे। एक दिन वे एक सेहर से गुजर रहे थे , रास्ते में उन्हें एक सिक्का मिला साधु ने उसे अपने पास रख लिया। ऋषि उस सिक्के को किसी और को देना चाहते थे क्यूंकि उनके पास इसका कोइ उपयोग नहीं था।

अगले दिन ऋषि ने एक राजा को देखा। उसने ऋषि को देखा और अपने सैनिकों को वहां रुकने का आदेश दिया। राजा ने उस ऋषि से कहां, “मैं दूसरे राज्य पर विजय पाने के लिए युद्ध पर जा रहा हूं, ताकि मेरे राज्यों का विस्तार हो सके, कृपया मुझे विजयी होने का आशीर्वाद दें।” 

ऋषि ने सिक्के को निकाला और उसे राजा को दे दिया।

राजा ने ऋषि से पूछा की अपने मुझे ये सिक्का क्यों दिया? ऋषि ने नम्रता से उत्तर दिया, “महाराज आप अधिक हासिल करने के कारण युद्ध पर जा रहे हैं, और आप संतुष्ट नहीं है। मुझे लगा आपको इस सिक्के की सबसे ज्यादा जरूरत है।” 

राजा को अपनी गलती का एहसास हुआ। उन्होंने ऋषि को धन्यवाद दिया, और युद्ध पर नहीं जाने का फैसला किया।
शिक्षा : हमें उस चीज के साथ खुश रहना चाहिए जो हमारे पास है।

कहानी 5: शेर और चूहा Moral Stories in Hindi for Class 7th

एक शेर जंगल में सो रहा था, उसका बड़ा सिर उसके पंजों पर टिका हुआ था। एक डरपोक नन्हा चूहा अप्रत्याशित रूप से उसके पास आया, और डर के कारण और दूर जाने की जल्दी में, शेर की नाक से टकरा गया। झपकी से जागते हुए, शेर ने उसे मारने के लिए उस छोटे जीव पर गुस्से से अपना विशाल पंजा रख दिया।

"मुझे छोड़ दो!" बेचारे चूहे से विनती की। "कृपया मुझे जाने दो और किसी दिन मैं तुम्हें अहसान का मोल अवश्य चुका दूँगा।"

शेर को यह सोचकर बहुत आश्चर्य हुआ कि एक चूहा कभी उसकी मदद कर सकता है। लेकिन वह उदार था और अंततः चूहे को जाने दिया।

कुछ दिनों बाद, जंगल में अपने शिकार का पीछा करते समय, शेर एक शिकारी के जाल में फंस गया। खुद को मुक्त करने में असमर्थ, उसने जंगल को अपनी क्रोध भरी दहाड़ से भर दिया। चूहे को आवाज पता थी और उसने तुरंत शेर को जाल में संघर्ष करते हुए पाया। वह बड़ी रस्सियों में से एक के पास दौड़ती हुई गई, जिसने उसे बांध रखा था, उसने उसे तब तक चबाया जब तक कि वह अलग नहीं हो गई, और जल्द ही शेर मुक्त हो गया।

चूहे ने कहा उस दिन तुम मुझ पर हंस रहे थे। "अब आप देखिये कि एक चूहा भी शेर की मदद कर सकता है।”

शिक्षा: दयालुता कभी व्यर्थ नहीं जाती।

कहानी 6: कुएँ के मेंढक

एक बार काफी समय तक वर्षा नहीं हुई और भीषण गर्मी के कारन सभी नदी-नाले सुख गए। पानी में रहने वाले जीव-जन्तु पानी की तलाश में जहाँ-तहाँ मारे-मारे भटकने लगे।

प्यास से व्याकुल दो मेंढक एक कुए के पास आये।
आगे चलने वाले मेंढक ने दूसरे मेंढक से हैरानी से पूछा, “देखो! यह कैसा गड्ढा है?” दूसरे मेंढक ने पास आकर देखा तो खुशी से बोला, “अरे ! यह तो कुआँ है। देखो, इसके अंदर कितना पानी है। चलो, इसके अंदर चलते हैं।”

दूसरा मेंढक थोड़ा समझदार था। वह बोला, “मित्र! पानी के लालच में जल्दबाजी न करो।
जरा सोचो कि हम लोग कुएँ में चले तो जाएंगे पर बाहर कैसे निकलेंगे। हमें हमेशा कुएँ में ही रहना पड़ेगा।” पहले मेंढक को दूसरे मेंढक की बात सही लगी। इसलिए उसने कुएँ में कूदने का विचार छोड़ दिया और दोनों वहाँ से चल पड़े।

शिक्षा : कोई भी काम करने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करना चाहिए।

कहानी 7: बोलने से पहले सोचो

रेलवे स्टेशन पर सभी लोग गर्मी में ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। दोस्तों का एक समूह, जो छुट्टी पर गया था, भीड़ में था। स्टेशन पर पहुंचते ही, उसके दोस्तों ने जोर से ट्रेन को स्वागत करने की आवाज दी, जिससे वह ट्रेन में बैठने से पहले अपनी सीट पाने के लिए दौड़ पड़ा।

ट्रेन चलने के लिए सीटी बजा रही थी। 15 साल का एक युवा लड़का ट्रेन पकड़ने के लिए दौड़ता हुआ आया।
वह ट्रेन में चला गया। लड़का सब कुछ देखकर हैरान था।

उसने होने पिता से कहा "पिताजी, ट्रेन चल रही है और चीजें पीछे की ओर बढ़ रही है। ” उसने फिर से कहा “पिताजी, पेड़ हरे रंग की है और सब बहुत तेजी से पीछे बढ़ रहा है,” उनके पिता ने कहा और मुस्कुराया। वह सब कुछ उत्साह और प्रसन्नता से देख रहा था, एक बच्चे की तरह।

“मुझे लगता है उसका बेटा पागल है,” ट्रेन में बैठे समूह के एक साथी ने उसका मजाक उड़ाया। लड़के के पिता ने धैर्यपूर्वक उत्तर दिया।

जब मेरा बेटा पैदा हुआ था तब अँधा था, ऑपरेशन के कुछ दिन बाद ही उन्हें दृष्टि मिली। वह पहली बार बाहर देखती है।” उसकी बात सुनकर दोस्तों का समूह शांत हो गया और पिता और उनके पुत्र से हाथ जोड़कर माफी मांगी।

शिक्षा : हम सब को भगवान ने बनाया है, हमें किसी का रूप से मजाक नहीं करना चाहिए।

कहानी 8: छिपा हुआ खजाना Moral Stories in Hindi for Class 7th

एक बार एक बूढ़ा किसान था। उनके चार बेटे थे। वे आलसी थे। वे कुछ नहीं करते थे और हमेशा लड़ते रहते थे।
एक दिन किसान बीमार पड़ गया। वह जानता था कि उसकी मृत्यु निकट है। उसने अपने बेटों को बुलाया। उन्होंने कहा- हमारे खेत में खजाना है।
 
मेरे मरने के बाद इसे खोद लेना। तभी कुछ दिनों के बाद उस किसान की मौत हो गयी। उसके सभी बेटे खेत पे गए और किसान की बताई गयी जगह पे खुदाई शुरू कर दिया।

उसने सारा खेत खोद डाला। लेकिन वहां कोई खजाना नहीं था। एक बुद्धिमान व्यक्ति ने गेहूँ बोने की सलाह दी। उसने गेहूँ बोया। अच्छी फसल हुई। उन्होंने कड़ी मेहनत का मूल्य सीखा। वे कड़ी मेहनत करने लगे।
 
शिक्षा: बिना मेहनत और कष्ट के संसार में किसी को कुछ नहीं मिलता है।

कहानी 9: गोलू का बगीचा

बहुत समय पहले की बात है, एक गांव में गोलू नामक एक छोटा सा बच्चा रहता था। वह अपने घर के पीछे छोटा सा बगीचा बनाना चाहता था। उसने सोचा, "मैं एक ऐसा बगीचा बनाऊंगा जहां हर तरह के फूल खिलेंगे और पक्षियाँ चहचहाएंगी।"

गोलू ने जमीन तैयार करनी शुरू की और फूलों के बीज बोने शुरू किए। वह रोजाना पानी देकर उन्हें पौधों को पल रहा था। थोड़ी देर में, पहले छोटे छोटे पौधे उग आए। गोलू को खुशी हुई और उसने और मेहनत की।

धीरे-धीरे बगीचा में फूल खिलने लगे और उसमें खुशबू फैलने लगी। गोलू को अपने बगीचा पर गर्व होता था। एक दिन, एक आदमी बगीचा देखकर गोलू के पास आया और उसका तारीफ करने लगा। आदमी ने कहा, "गोलू, तुमने एक अद्भुत बगीचा बनाया है। तुम्हारा मेहनती काम और लगन देखकर मुझे गर्व हो रहा है।"

गोलू ने आदमी को धन्यवाद कहा और बताया, "सर, यह सब मेरे मेहनत के बल पर हुआ है। हर रोज़ मैंने पौधों को पानी दिया और उनकी देखभाल की।"

आदमी ने मुस्कराते हुए कहा, "गोलू, तुम्हारी उम्र कितनी है?"

गोलू ने जवाब दिया, "मैं आठ साल का हूँ, सर।"

आदमी हैरानी से पूछा, "तो तुमने इतनी छोटी उम्र में ही ये बगीचा कैसे बनाया?"

गोलू ने मुस्कराते हुए कहा, "सर, मैंने सोचा था कि अगर मैं आज से ही मेहनत करना शुरू कर दूंगा, तो वक्त के साथ-साथ मेरे पौधे भी बढ़ेंगे।"

यह कहानी हमें यह सिखाती है कि मेहनत और लगन से हम किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। छोटी उम्र में ही गोलू ने अपने सपने को साकार किया और दूसरों को प्रेरित किया।

कहानी 10: एकता में बल Moral Stories in Hindi for Class 7th

एक किसान था. उनके चार बेटे थे. वे हमेशा एक-दूसरे से लड़ते रहते थे। किसान बहुत दुखी हुआ.
उसने उन्हें झगड़ा न करने की सलाह दी, लेकिन व्यर्थ। एक दिन किसान बीमार पड़ गया। वह जानता था कि उसका अंत निकट है। उसने अपने बेटों को बुलाया. उसने उन्हें लकड़ियों का एक बंडल दिया। उन्होंने इसे तोड़ने को कहा।

लेकिन वे ऐसा करने में असफल रहे. फिर बंडल एक हो गया. किसान ने अपने बेटों से एक-एक करके लकड़ियाँ तोड़ने को कहा। एक-एक बेटे ने लाठियाँ तोड़ दीं।
पिता ने कहा, “एक गठरी की तरह एकजुट रहो। यदि आप एक हैं, तो कोई भी आपको नुकसान नहीं पहुँचाएगा।” बेटों ने सबक सीख लिया. उन्होंने फिर कभी झगड़ा नहीं किया।
शिक्षा : एकसाथ रहना हमे मजबूत और बलशाली बनता है इसलिए हमसबको मिलके साथ में रहना चाहिए।

निष्कर्ष

हमारे इस आर्टिकल Moral Stories in Hindi में हमने अलग-अलग कहानियों को पढ़ा । आशा करते हैं कि आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा और हमारे बाल पाठकों को यह कहानी पसंद आए होंगे। आप लोग हमारा उत्साह बढ़ाने के लिए कमेंट जरुर । यह सभी कहानियां ना सिर्फ आपको अच्छी अच्छी सीख देती है बल्कि आपको जीवन में क्या बनाना चाहिए और कैसे लोगों के साथ व्यवहार करना चाहिए ऐसी शिक्षाएं भी देती है।

एक टिप्पणी भेजें (0)
और नया पुराने